Friday, November 9, 2012

साथ हमारा

एक तिनके के सहारे
डूबनेवाला तट पर आ जाता है
मंद समीर का झोंका भी ..
जीने का सहारा बन जाता है .....
 
खुद पर विश्वास किया जिसने ...
मंजिलें उसी ने पाई है
राह की बाधाएं भी भला कभी ...
जीतनेवाले को रोक पाई है ?
 
मोती चाहिए तुम्हे अगर तो ?
जलधि में समाना  होगा
अंधियारे को दूर कर सको
वो बाती  बनकर जलना होगा .....
 
प्रथम परिचय को भूल न पाए
इसके लिए अहर्निश
,साथी ....  तुमको ...चलना होगा ....
साथी  तुमको चलना ही होगा ....
 
सूरज चलता
चंदा चलता
चलता है .....
जग सारा ....
 
छोटी सी इस जिन्दगी में .....
रहे सदा साथ हमारा ... ..........दिवाली की बहुत -बहुत शुभकामनाएं ......

19 comments:

  1. मोती चाहिए तुम्हे अगर तो ?
    जलधि में समाना होगा
    अंधियारे को दूर कर सको
    वो बाती बनकर जलना होगा .....

    ....बहुत सार्थक अभिव्यक्ति...दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें!

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  2. खुद पर विश्वास किया जिसने ....
    मंज़िलें उसी ने पाई है
    राह की बाधाएं भी भला कभी ....
    जितने वाले को रोक पाई है ?

    सही कहा है आपने !!

    मेरी नयी पोस्ट
    माँ नहीं है वो मेरी, पर माँ से कम नहीं है !!!

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  3. अत्यंत सुन्दर काव्यमय दीपावली शुभकामनायें ,बधाई

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  4. सुंदर ...प्रेरित करती रचना

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  5. सूरज चलता
    चंदा चलता
    चलता है .....
    जग सारा ....

    छोटी सी इस जिन्दगी में .....
    रहे सदा साथ हमारा

    ऊपर की पंक्तियों ने ये दो लाइम याद दिला दी

    मैं गोताखोर मुझे गहरे जाना होगा , तुम तट पर बैठ भंवर की बातें किया करो
    दीपावली की शुभकामनायें

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  6. SAHAJ BHASHA AUR SAHAJ BHAVABHIVYAKTI KE LIYE AAPKO
    BADHAAEE AUR SHUBH KAMNA .

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  7. बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
    आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि-
    आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार (11-11-2012) के चर्चा मंच-1060 (मुहब्बत का सूरज) पर भी होगी!
    सूचनार्थ...!

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  8. एक तिनके के सहारे
    डूबनेवाला तट पर आ जाता है
    मंद समीर का झोंका भी ..
    जीने का सहारा बन जाता है .....

    खुद पर विश्वास किया जिसने ...
    मंजिलें उसी ने पाई है
    राह की बाधाएं भी भला कभी ...
    जीतनेवाले को रोक पाई है ?

    मोती चाहिए तुम्हे अगर तो ?
    जलधि में समाना होगा
    अंधियारे को दूर कर सको
    वो बाती बनकर जलना होगा .....

    प्रथम परिचय को भूल न पाए
    इसके लिए अहर्निश
    ,साथी .... तुमको ...चलना होगा ....
    साथी तुमको चलना ही होगा ....

    सूरज चलता
    चंदा चलता
    चलता है .....
    जग सारा ....

    छोटी सी इस जिन्दगी में .....
    रहे सदा साथ हमारा ... ..........दिवाली की बहुत -बहुत शुभकामनाएं ....

    हाँ !तुझको चलना होगा ,झंझा वातों से लड़ना होगा ,तूफानों में पलना होगा .....खुद पर विश्वास रख मनुज चलता चल जहां जीवन ले जाए समय की धारा का रुख पलटेगा ,रुक मत चलता जा ,मनुज रे चलता जा ...

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  9. दीपोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएँ!

    कल 12/11/2012 को आपकी यह बेहतरीन पोस्ट http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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  10. आप और आपके पूरे परिवार को मेरी तरफ से दिवाली मुबारक | पूरा साल खुशिओं की गोद में बसर हो और आपकी कलम और ज्यादा रचनाएँ प्रस्तुत करे.. .. !!!!!

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  11. तमसो मा ज्योतिर्गमय...शुभकामनाएं दीपावली की...

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  12. बहुत ही सुन्दर प्रेरणादायी रचना....
    आपको सहपरिवार दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ..
    :-)

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  13. बहुत सुंदर रचना ..... दीपावली की शुभकामनायें

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  14. प्रेरक अभिव्यक्ति - बहुत सुंदर

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  15. सुंदर रचना !

    बनी रहे त्यौंहारों की ख़ुशियां हमेशा हमेशा…

    ஜ●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬●ஜ
    ♥~*~दीपावली की मंगलकामनाएं !~*~♥
    ஜ●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬●ஜ
    सरस्वती आशीष दें , गणपति दें वरदान
    लक्ष्मी बरसाएं कृपा, मिले स्नेह सम्मान

    **♥**♥**♥**●राजेन्द्र स्वर्णकार●**♥**♥**♥**
    ஜ●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬●ஜ

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  16. खुद पर विश्वास किया जिसने ...
    मंजिलें उसी ने पाई है
    राह की बाधाएं भी भला कभी ...
    जीतनेवाले को रोक पाई है ?
    bilkul sach kaha aapne,

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