Monday, April 3, 2017

कहते हैं लोग

कहते हैं लोग तारे आसमाँ पे होते हैं
मन में कोई खुद के झाँक के देखे
वहाँ भी असंख्य दिपदिपाते
सपनों से भरे सितारे होते हैं...

3 comments:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल गुरूवार (06-04-2017) को

    "सबसे दुखी किसान" (चर्चा अंक-2615)
    पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    विक्रमी सम्वत् 2074 की
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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    1. धन्यवाद शास्त्री जी

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  2. ठीक कहा है ... सपने भू तो टिमटिमाते हैं मन के अंदर

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