
मन की जमीं पे
खुशियों के फूल खिलते हैं
निशा -पति जैसे चाँद जब .....
हरेक पत्नी को मिलते हैं .....
नभ में चमकनेवाले ...
.हे करवाचौथ के चाँद
सुहाग पर्व के इस ..
पावन अवसर पर मैं ....
तुम्हे सच्चे दिल से
पूजती हूँ ....
रहूँ सदा सुहागन .......
यही तुमसे वरदान
मांगती हूँ ........
जैसे,...... तेरी चांदनी
निशा के सारे तम
हर लेती है,.....
प्यार के खुमारी से उसके
आँचल को भर देती है ...वैसे ही ....
मेरे चाँद को भी कुछ तरकीब बता दो
प्रिया को खुश रखने के ?????????
सारे ,...... गुप्त रहस्य बतला दो ........
देखा है ...मैंने
जीवन के सफर में
मुझपर आई हर मुसीबत के क्षण में .....
मेरे चाँद की आँखें होती है ...नम ....
मेरा चाँद ..किसी भी मामले में ...
नहीं है तुमसे कम ......
जानती हूँ मैं ...
संगीत में राग होता है
सूरज में आग होता है
और तो और ?
सुन्दरता की मिसाल हो तुम .....पर,.....
तुममें भी दाग होता है तो भला ?
मेरा चाँद बेदाग़ कैसे हो सकता है ?
यही सोच मैंने अपने चाँद की हर ..
अच्छाई और बुराई को तहेदिल से अपनाया है ...
उनके साथ प्यारा सा जहाँ बसाया है ....
तुम्हारी चांदनी की तरह
चमके ..समय के साथ ..
समायोजन और प्यार हमारा
करती यही कोशिश
पूरी हो हर सुहागन की
ये तमन्ना ......
देना यही आशीष .....