रुख हवाओं ने मोड़ लिया
मौसम भी है बदल गया
योग्यतम की अतिजीविता
का शिकार माँ का लाल हो गया
स्वाइन फ्लू कहर बनकर
जिन की खुशियों पर छा गया
क्या होली क्या दिवाली
क्या मायने हैं शेष जीवन के
उनको ढांढस कौन बँधायेगा ?
तम से घिरे अमावस में अब
चाँद कहाँ से आएगा ?
मन्दसौर के २३ वर्षीय युवा इंजीनियर आशुतोष के असमय निधन पर अश्रुभरी श्रद्धांजलि ---भगवान उसकी आत्मा को शांति दे और उसके परिवार वालों को दुःख सहने की शक्ति ।






